कवर्धा ब्राह्मण समाज द्वारा श्रावणी उपाकर्म पूजा सम्पन्न कराया गया

कवर्धा – श्रावणी उपाकर्म–आज ब्राह्मण समाज कवर्धा के अध्यक्ष मनीष (बंटी) तिवारी के आह्वान एवं कोषाध्यक्ष सिद्धु तिवारी की उपस्थिति में श्रावणी उपाकर्म का पूजा सम्पन्न कराया गया । कैलाशनगर स्थित कैलाश -सरोवर में वैदिक विधिविधान से श्रावणी उपाकर्म किया गया। श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को श्रावण उपाकर्म में सूर्योपासना,सप्त ऋषि पूजन,देवऋषि तर्पण,पितृ तर्पण ,किया गया ,यह दिन आत्मशुद्धि , प्रायश्चित, वेदो के अध्ययन की पुन:शुरुवात और ऋषियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष अवसर होता है इस दिन वेदमन्त्रो के उच्चारण के साथ नया यज्ञोपवीत (जनेऊ)धारण किया जाता है ।श्रावणी उपाकर्म, सनातन धर्म ,का एक प्रमुख वैदिक अनुष्ठान है जो कि मुख्यरूप से श्रावण मास की पूर्णिमा (रक्षाबंधन के दिन )को मनाया जाता है । इस दिन उपनयन संस्कार प्राप्त कर चुके लोग, पुराने यज्ञोपवीत (जनेऊ)को त्यागकर, नये जनेऊ धारण करते हैं । इसका धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती ,भगवान विष्णु (सत्यनारायण रुप)की पूजा करने ,गायत्री मंत्र की जाप करने से घर में सुख शांति एवं समृद्धि की आती हैं ।इस दिन पवित्र नदी,सरोवर (जैसे गंगा) में विभिन्न द्रव्यो(जैसे,भस्म,मिट्टी,गोबर,गोदुग्ध,दही,घी,गोमुत्र,पंचगव्य के अलावा कुशा,दूर्वा,अपामार्ग(चिड़चिड़ा) आदि से स्नान करने से यह कर्म पिछले वर्ष की अशुद्धियों और अनजाने पापो से मुक्ति पाने का साधन है तथा जरूरतमंदो को अन्न, वस्त्र,या गुड का दान करने से कई गुणा पून्यफ़ल की प्राप्ति होती है ।मान्यता है कि भगवान विष्णु ने हैवग्रिव अवतार लेकर इस दिन वेदो का उद्धार किया था इसलिए इसे वेद अध्ययन का श्रेष्ठ दिन माना गया है । यह आयोजन प्रतिवर्ष पंडित चंद्रप्रकाश उपाध्याय के मार्गदर्शन एवं आचार्य पंडित शिवविलास शर्मा के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ किया जाता है ।आचार्य पंडित शिव विलास शर्मा एवं श्री प्रमोद शर्मा थे । उक्त अवसर पर पंडित चन्द्र प्रकाश उपाध्याय, गणेश तिवारी, प रामकृपेश्वर उपाध्याय,प विश्व प्रकाश उपाध्याय,प हरिहर उपाध्याय,आचार्य मेघानंद शास्त्री,प नंद कुमार शर्मा,आशीष तिवारी,आदित्य तिवारी,कन्हैया लाल तिवारी,रविन्द्र शुक्ला,सन्तोष शुक्ला,नरेंद्र शर्मा के साथ साथ बड़ी संख्या में विप्रजन उपस्थित थे ।



